Monday, January 7, 2019

dil kehta hei chal unse mil


दिल कहता है चल उनसे मिल,
उठते हैं कदम रुक जाते हैं ,
दिल हमको कभी समझाता है,
हम दिल को कभी समझाते हैं !!

दिल कहता है चल उनसे मिल,
उठते हैं कदम रुक जाते हैं,
दिल हमको कभी समझाता है,
हम दिल को कभी समझाते हैं !!


हम जब से हैं जुदा, ये मेरे हमनशीं, 
यूं देखूं तो मेरे दामन में क्या नहीं, 
दौलत का चाँद है, शौरत की चन्दिनी।
मगर तुम्हें खोके लगे है मुझे ऐसा,
की तुम नहीं तो कुछ भी नहीं !

तुम क्या जानो अब हम कितना 
दिल ही दिल में पछताते हैं, 
दिल हमको कभी समझाता है,
हम दिल को कभी समझाते हैं !!


वो दिन थे क्या हसीं,
दोनों थे साथ में, 
और बाहें आपकी, 
थी मेरे हाथ में,  
तुम ही तुम थे सनम,
मेरे दिन रात में,

पर इतनी बुलंदी पे तुम हो  मेरी जान,
आये न दामन अब हाथ में ,
पाना तुमको मुमकिन ही नहीं,
सोचे तो ही घबराते हैं

दिल हमको कभी समझाता है,
हम दिल को कभी समझाते हैं !!

दिल कहता है चल उनसे मिल,
उठते हैं कदम रुक जाते हैं ,
उठते हैं कदम रुक जाते हैं !!

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